रिटायरमेंट से पहले होगी सर्विस रिकॉर्ड की जांच, 38 हजार कर्मचारियों के मामलों की होगी समीक्षा

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 38 हजार कार्यभारित, आकस्मिक वेतनभोगी तथा अन्य कर्मचारियों के सेवा अभिलेख (सर्विस रिकॉर्ड) और वेतन निर्धारण की जांच कराने का निर्णय लिया है। सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारियों के संपूर्ण सेवा काल का परीक्षण किया जाएगा, ताकि वेतन, पदोन्नति और सेवा लाभों से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण हो सके।
वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार लोक निर्माण विभाग (PWD), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE), जल संसाधन विभाग, नर्मदा घाटी विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन विभागों में वेतन निर्धारण और सेवा संबंधी प्रकरणों की संख्या सबसे अधिक बताई गई है।
लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान
राज्य सरकार ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों के लंबित वेतन निर्धारण, वेतनमान स्वीकृति, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति तथा सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े प्रकरणों का शीघ्र परीक्षण कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभागवार विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी।
नियम विरुद्ध लाभ मिलने पर होगी कार्रवाई
जांच के दौरान यदि किसी कर्मचारी को नियमों के विपरीत वेतन या अन्य सेवा लाभ दिए जाने का मामला सामने आता है तो संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सही पात्र कर्मचारियों के लंबित मामलों का समाधान कर उन्हें समय पर लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।
कर्मचारियों को हो रही थीं परेशानियां
वित्त विभाग ने माना है कि वेतनमान, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े विवादों के कारण अनेक कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों का समाधान करने का निर्णय लिया गया है।
प्रगति रिपोर्ट भी भेजनी होगी
विभागों को अभियान की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
सेवा पुस्तिकाओं का होगा परीक्षण
वित्त विभाग ने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) तथा विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण कर त्रुटियों का सुधार करें और आवश्यकता पड़ने पर पूर्व अनुमोदन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। इससे सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारियों को वेतन और पेंशन संबंधी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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