सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स जन-जन तक पहुंचा रहे विकास की बात : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

स्लीमनाबाद टनल परियोजना स्थल पर इन्फ्लुएंसर्स से किया संवाद, श्रमिकों और इंजीनियरों की सराहना
कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्लीमनाबाद टनल परियोजना स्थल पर आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स संवाद कार्यक्रम में कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स समाज और सरकार के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम बन गए हैं। वे विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाकर सरकार की जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल का निर्माण सरकार की संकल्प शक्ति, आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक और श्रमिकों की मेहनत का प्रतीक है। विंध्य क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों और तकनीकी कठिनाइयों के बावजूद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े श्रमिकों और इंजीनियरों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका कार्य किसी चमत्कार से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार जनकल्याण और विकास के संकल्पों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। मध्यप्रदेश तेजी से विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण को न्यूनतम प्रभावित करते हुए गुरुत्वाकर्षण आधारित प्रणाली के माध्यम से कम लागत में अधिक लाभ पहुंचाने का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से कहा कि अब पानी की उपलब्धता बढ़ने से कृषि और उद्योग के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
टनल निर्माण पूर्ण होने का दिया संदेश, पौधारोपण भी किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्लीमनाबाद टनल परियोजना का निरीक्षण कर टनल बोरिंग मशीन के कार्य की प्रतीकात्मक समाप्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को ऐतिहासिक मजबूती प्रदान करेगी तथा आने वाले वर्षों में लाखों किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों के साथ कदम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

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