मुहिम अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। कलेक्टर आशीष तिवारी की पहल पर जिले के अधिकारी, कर्मचारी, उद्योगपति और विभिन्न विभाग ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों के उपचार और पोषण में सहयोग कर रहे हैं।
जिले को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प के साथ कलेक्टर आशीष तिवारी स्वयं 10 टीबी मरीजों के लिए पोषणयुक्त फूड बास्केट उपलब्ध करा रहे हैं। उनकी पहल से प्रेरित होकर प्रशासनिक अमला और समाज के विभिन्न वर्ग भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
प्रशासन और समाज ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
नागरिक आपूर्ति निगम, कटनी ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए टीबी मरीजों के लिए 45 हजार 600 रुपये की राशि एकत्रित की है। विभाग के 38 अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वेच्छा से सहयोग करते हुए 36 मरीजों का निक्षय मित्र पोर्टल पर पंजीयन कराया है।
वहीं पंजीयन विभाग ने 42 हजार रुपये की सहायता राशि जमा कराई है। उप संचालक पशुपालन डॉ. नीता मनोचा ने भी पांच टीबी मरीजों के पोषण आहार की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है।
तहसीलों ने भी निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
कटनी नगर और कटनी ग्रामीण तहसील ने 40 टीबी मरीजों के लिए 48 हजार रुपये की राशि रोगी कल्याण समिति में जमा कराई है। यह पहल समाज के जरूरतमंद वर्ग के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
जिले में इतने मरीज चिन्हित
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में कटनी-कन्हवारा में 136, विजयराघवगढ़ में 114, बहोरीबंद में 91, उमरियापान में 79, रीठी में 51 और बड़वारा में 40 टीबी मरीज चिन्हित किए गए हैं। इन सभी मरीजों के उपचार और पोषण सहायता के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
पोषण और उपचार से मिलेगी नई ताकत
‘निक्षय मित्र’ योजना के अंतर्गत प्रत्येक मरीज को दो माह के लिए 1200 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित दवाइयों के साथ संतुलित भोजन टीबी से शीघ्र स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जनभागीदारी से साकार होगा टीबी मुक्त कटनी का सपना
कटनी में शुरू हुई यह पहल अब केवल सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण बन गई है। प्रशासन और समाज की साझेदारी से टीबी मुक्त कटनी का सपना साकार करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
