देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का डंडा लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) के पूर्व चीफ इंजीनियर गोविंद प्रसाद मेहरा के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ED ने मेहरा और उनके परिवार की ₹67.25 करोड़ की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (Attach) कर लिया है।
इस काली कमाई के साम्राज्य में सबसे हैरान करने वाला खुलासा उनके आलीशान फार्म हाउस को लेकर हुआ है, जो किसी सात सितारा रिसॉर्ट को भी मात देता है।
72 एकड़ का ‘कस्तूरी फार्म’: रिसॉर्ट जैसी सुविधाएं, कीमत ₹50 करोड़
जांच में सामने आया है कि गोविंद प्रसाद मेहरा ने भ्रष्टाचार की कमाई से मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में एक अथाह साम्राज्य खड़ा किया था।
* आलीशान कस्तूरी कृषि फार्म: यह फार्म हाउस पूरे 72 एकड़ में फैला हुआ है।
* रिसॉर्ट जैसी सुविधाएं: इस फार्म हाउस में लग्जरी रिसॉर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
* बाजार मूल्य: अकेले इस ‘कस्तूरी कृषि फार्म’ की कीमत करीब ₹50 करोड़ आंकी गई है।
सोना, चांदी और भारी कैश भी बरामद
ED द्वारा जब्त की गई कुल ₹67.25 करोड़ की संपत्ति में केवल जमीन और आलीशान बंगले ही शामिल नहीं हैं, बल्कि उनके पास से मोटी नकदी और आभूषण भी मिले हैं:
₹3.51 करोड़ मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और कैश जब्त किए गए हैं।
इसके अलावा कई अन्य चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी ED के हाथ लगे हैं।
40 साल की नौकरी… वैध आय ₹4 करोड़, संपत्ति ₹67 करोड़!
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गोविंद प्रसाद मेहरा की 40 साल की सरकारी नौकरी के दौरान उनकी वैध और कानूनी रूप से होने वाली कुल आय (Income) लगभग ₹4 करोड़ होनी चाहिए थी। लेकिन जब उनके ठिकानों की पड़ताल की गई, तो उनकी वैध आय से कई गुना ज्यादा का बेहिसाब साम्राज्य देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
