नई दिल्ली। केंद्र सरकार के करीब 1.15 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं, लेकिन आयोग की सिफारिशों का इंतजार अभी और लंबा हो सकता है। आयोग ने कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर समूहों से सुझाव एवं मांगें भेजने की अंतिम तिथि तीसरी बार बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है।
पहले यह समय सीमा 30 अप्रैल थी, जिसे बढ़ाकर 31 मई किया गया था। अब आयोग ने इसे 15 जून तक बढ़ाते हुए स्पष्ट किया है कि इसके बाद कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा। सभी सुझाव केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
जानकारों के अनुसार आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में अभी समय लगेगा और अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आने की संभावना है। हालांकि कर्मचारी संगठनों की मांग है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएं, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एरियर का लाभ मिल सके।
इस बार सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी संगठन वर्तमान 2.57 की तुलना में 3.0 से 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार इसे स्वीकार करती है तो न्यूनतम वेतन और पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल आयोग विभिन्न राज्यों में कर्मचारियों, पेंशनरों और सरकारी विभागों से सुझाव प्राप्त कर रहा है। ऐसे में लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अब आयोग की सिफारिशों का इंतजार रहेगा, जो उनके आर्थिक भविष्य को प्रभावित करेंगी।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
