मप्र में 1 जून से हटेगा तबादलों से प्रतिबंध: खाली पदों को भरने और शिकायतों के आधार पर होंगे ट्रांसफर, ‘ए’ प्लस श्रेणी को छूट भोपाल। मध्य प्रदेश में शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध दो दिन बाद यानी 1 जून से हटने जा रहा है। इस बार की तबादला नीति में सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। थोकबंद ट्रांसफर करने के बजाय सरकार का पूरा ध्यान विभागवार खाली पड़े पदों को भरने पर है। इसके साथ ही, गंभीर शिकायतों के घेरे में आए कर्मचारियों को प्रशासनिक स्तर पर हटाया जाएगा।

14,800 रिक्त पदों को भरने की तैयारी
तबादलों के जरिए रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने के लिए सरकार ने डेटा जुटाना शुरू कर दिया है। वर्तमान में विभिन्न विभागों में लगभग 14,800 पद खाली हैं, जिन्हें इन तबादलों के माध्यम से भरा जाएगा।
* पुरानी खामियां होंगी दूर: पहले रिक्त पदों की सटीक जानकारी न होने से ट्रांसफर सूची में मृत या सेवानिवृत्त (Retired) कर्मचारियों के नाम भी शामिल हो जाते थे। इस बार डेटा कंपाइल होने से ऐसी गलतियां नहीं होंगी।
* जांच के दायरे में आए लोगों को नो-एंट्री: जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Enquiry) चल रही है, उन्हें इस बार तबादला सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।

मऊगंज और मैहर जैसे नए जिलों को मिलेंगे कर्मचारी
प्रदेश में गठित नए जिलों (जैसे मऊगंज और मैहर) में जिला मुख्यालय और विभिन्न विभागों के कार्यालय तो खुल गए हैं, लेकिन वहां कर्मचारियों की भारी कमी है। नई नीति के तहत इन नए जिलों के खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा, ताकि प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से चल सके।

‘ए’ प्लस ट्रांसफर पर नहीं होगी रोक, साल भर होंगे स्थानांतरण
तबादला नीति में ‘ए’ प्लस श्रेणी को इस बार की तय संख्या (कैपिंग) से बाहर रखा गया है:
इस श्रेणी के तहत आने वाले अफसरों और कर्मचारियों के ट्रांसफर सीधे मुख्यमंत्री के अनुमोदन (CM Coordination) से होंगे।
‘ए’ प्लस श्रेणी के तबादलों पर साल भर रोक नहीं रहेगी और आवश्यकतानुसार ये ट्रांसफर पूरे वर्ष किए जा सकेंगे।

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