कटनी।
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी में सोमवार को उस समय कामकाज प्रभावित हो गया, जब विश्वविद्यालय के श्रमिक कर्मचारियों, बस चालकों, कंडक्टरों और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। बढ़ती महंगाई और कम वेतन से परेशान दर्जनों कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र होकर सामूहिक रूप से हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी:
कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को एक सामूहिक मांग पत्र सौंपा है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल हैं:
* कलेक्ट्रेट दर पर वेतन: सभी कर्मचारियों का वेतन वर्तमान कलेक्ट्रेट दर के अनुसार निर्धारित किया जाए।
* नियमित वेतन वृद्धि: लंबे समय से रुके हुए इंक्रीमेंट को नियमित किया जाए।
* साप्ताहिक अवकाश व ओवरटाइम: कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश की सुविधा मिले और यदि छुट्टी के दिन काम लिया जाता है, तो श्रम नियमों के तहत ओवरटाइम का भुगतान किया जाए।
* मूलभूत सुविधाएं: सभी श्रमिकों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकार और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
“वर्तमान वेतन में परिवार चलाना हुआ मुश्किल”
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन आज के इस कमरतोड़ महंगाई के दौर में उन्हें मिलने वाला वेतन बेहद कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना नामुमकिन हो गया है।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
