भोपाल। मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पूरक पोषण आहार (टेक होम राशन) की व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। प्रदेश के करीब 30 जिलों में पिछले दो महीनों से राशन वितरण पूरी तरह ठप पड़ा है। इसका सीधा असर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं पर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार सप्लाई एजेंसियों ने भुगतान लंबित होने और डीजल-पेट्रोल की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए वितरण कार्य धीमा कर दिया है। कई स्थानों पर टेक होम राशन का परिवहन पूरी तरह रुक गया है। इससे आंगनवाड़ी केंद्रों में लाभार्थियों की संख्या भी घटने लगी है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई केंद्रों में बच्चों और महिलाओं को नियमित पोषण आहार नहीं मिल पा रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बच्चों के स्वास्थ्य और कुपोषण नियंत्रण अभियान पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इधर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं राशन आपूर्ति से जुड़ी एजेंसियों का कहना है कि बकाया भुगतान और बढ़ती परिवहन लागत के कारण संकट उत्पन्न हुआ है।
प्रदेश सरकार अब पूरे मामले की समीक्षा कर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुटी है, ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण आहार वितरण दोबारा नियमित किया जा सके।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
