मुख्यमंत्री ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले सभी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। जर्जर भवनों की मरम्मत, बाउंड्री वॉल निर्माण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से पहले पूरी करने को कहा गया है।
बैठक में “शिक्षा घर योजना” को सैद्धांतिक मंजूरी भी दी गई। इस योजना के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके किशोर-किशोरियों और युवाओं को दोबारा हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा पास करने का अवसर मिलेगा। योजना का संचालन मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड करेगा।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और रोजगार आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही एनसीसी, एनएसएस, स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लाइसेंस कैंप और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग जैसी सुविधाएं भी स्कूलों में उपलब्ध कराने की बात कही।
100 प्रतिशत रिजल्ट वाले स्कूलों का होगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा है, वहां के शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 26 स्कूलों ने शत-प्रतिशत परिणाम दिया है। सरकारी स्कूलों में नामांकन भी लगातार बढ़ रहा है। कक्षा 1 में नामांकन में 32 प्रतिशत से अधिक और कक्षा 9 से 12 तक में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को प्रोत्साहित करने और हाईस्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने के निर्देश भी दिए।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
