कटनी। जिले में जमीनों की सरकारी कीमतों और स्टाम्प ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी के बाद प्रॉपर्टी बाजार मंदी की चपेट में आ गया है। कई क्षेत्रों में गाइडलाइन दरें 50 से 140 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई हैं, जिससे जमीन खरीदना और बेचना आम लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। जरूरत के समय जमीन बेचने निकले किसानों को खरीदार तक नहीं मिल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अमकुही फूड पार्क रोड क्षेत्र में जमीन की दरें 3600 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 8700 रुपये कर दी गई हैं। वहीं चाका क्षेत्र में दरें 6800 रुपये से बढ़ाकर 12920 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी गई हैं। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से कई सौदे रुक गए हैं।
नगर निगम के कई वार्ड भी इस बढ़ोतरी से प्रभावित हुए हैं। लोकमान्य तिलक वार्ड में करीब 97 प्रतिशत और बाबू जगजीवनराम वार्ड में 80 प्रतिशत तक दरें बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा विवेकानंद, अंबेडकर, इंदिरा गांधी, बिरसा मुंडा और अन्य वार्डों में भी 60 से 80 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले प्रतिदिन 100 से अधिक रजिस्ट्रियां होती थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर 25 से 30 तक रह गई है। इसका असर दानपत्र और पारिवारिक बंटवारे पर भी पड़ रहा है।
नागरिको ने आरोप लगाया है कि नए उपबंधों के कारण छोटे भू-स्वामियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि पंजीयन विभाग को इतनी बड़ी बढ़ोतरी का आधार सार्वजनिक करना चाहिए।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
