इमलिया गांव में धरती के अंदर वर्षों से दबी उम्मीदें अब होंगी हकीकत, मार्च से शुरू होगा सोने की खदान में खनन, खनिज विभाग अपना रहा भू-प्रवेश की प्रक्रिया, कंपनी शुरू करेगी मशीनें लगाने की कार्रवाई, इसके बाद शुरू होगा खनन
Feb 11, 2026 = कटनी. कटनी की धरती अब सिर्फ संगमरमर और खनिजों के लिए नहीं, बल्कि सोने की चमक के लिए भी पहचानी जाएगी, ढीमरखेड़ा जनपद के ग्राम इमलिया में वर्षों से दबी उम्मीदें अब हकीकत बनने जा रही हैं, 50 साल की खोज और बीते एक साल की तेज प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद स्वर्ण खनन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, मार्च से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है, जो मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में नया अध्याय लिखेगा, 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली ने इमलिया को राष्ट्रीय मानचित्र पर ला खड़ा किया है। अब कटनी सिर्फ जिला नहीं, स्वर्ण नगरी बनने की दहलीज पर खड़ी है…।
जिले के इतिहास में एक ऐसी उपलब्धि जुडऩे जा रही है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बदल देगी। ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इमलिया में स्वर्ण खनन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है। यह मध्यप्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान होगी, जिससे राज्य को राष्ट्रीय खनिज मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत मुंबई की कंपनी प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड खनन कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की ऊंची बोली लगाकर इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। कंपनी और कलेक्टर आशीष मिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के साथ ही जिले में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं।

50 वर्षों से थी हलचल
इमलिया गांव के बुजुर्ग रामकुमार बताते हैं कि गांव में सोने की मौजूदगी की जानकारी पिछले लगभग 50 वर्षों से थी। जिस स्थान पर खनन होना है, उसे स्थानीय लोग आज भी सुनाही नाम से जानते हैं। यहां चार-पांच पुराने कुएं मौजूद हैं, जिनका निर्माण उस दौर में हुआ था जब मजदूरी केवल 6 पैसे हुआ करती थी। ग्रामीणों का मानना है कि ब्रिटिश शासनकाल में अंग्रेज इन्हीं कुओं के जरिए धातु निकालते थे, लेकिन उस समय ग्रामीणों को यह अहसास नहीं था कि उनके गांव की मिट्टी में सोना छिपा है।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
