अब घर बैठे बनेगा पेंशनर्स का डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, डाकिया पहुंचेगा आपके द्वार


सिर्फ 70 रुपये शुल्क देकर मिलेगी सुविधा, बुजुर्गों और दिव्यांग पेंशनभोगियों को मिलेगी बड़ी राहत
कटनी/पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अब डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) बनवाने के लिए बैंक या सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डाक विभाग और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्यम से पेंशनभोगियों को घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए मात्र 70 रुपये शुल्क निर्धारित बताया गया है।
घर पहुंचेगा डाकिया, आधार से होगा सत्यापन
पोस्टमास्टर प्रधान डाकघर गगन मुड़ोतिया ने भारत दिनभर को बताया कि इस सुविधा के तहत डाकिया अथवा ग्रामीण डाक सेवक पेंशनभोगी के घर पहुंचकर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार हो जाएगा। इससे पेंशनधारकों को व्यक्तिगत रूप से बैंक या संबंधित कार्यालय में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
ऐसे बुलाएं डाकिया
EPFO ने डाक विभाग को घर पर यह सेवा देने के लिए अधिकृत किया है. इंडिया पोस्ट की वेबसाइट के मुताबिक, पूरे देश में फैले डाक नेटवर्क की मदद से IPPB पेंशनरों के दरवाजे तक यह सुविधा पहुंचा रहा है. DLC बनाने का काम राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के तैयार किए एप्लिकेशन से जुड़कर होता है.
प्रक्रिया यह है:
पेंशनर 033-22029000 पर कॉल करके घर पर विजिट का अनुरोध दर्ज कराएं.
इसके बाद डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक घर आएगा.
यह सुविधा IPPB और गैर-IPPB, दोनों तरह के ग्राहकों के लिए है.
काम पूरा होने पर NIC सीधे पेंशनर को एक प्रमाण आईडी (Pramaan ID) भेजता है.
आईडी मिलने के बाद पेंशनर jeevanpramaan.gov.in/ppouser/login लिंक से अपना DLC डाउनलोड कर सकते हैं.
बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगी राहत
घर बैठे यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और ऐसे पेंशनभोगियों के लिए उपयोगी है, जिन्हें चलने-फिरने में परेशानी होती है। अब उन्हें जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने और बार-बार कार्यालय जाने की परेशानी से राहत मिल सकेगी।
पेंशन जारी रखने के लिए जरूरी है जीवन प्रमाण पत्र
जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगियों के जीवित होने की पुष्टि के लिए आवश्यक दस्तावेज है। डिजिटल सुविधा के माध्यम से इसकी प्रक्रिया आसान होने से देशभर के पेंशनभोगियों को लाभ मिल सकता है।

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