कटनी:
कटनी जिले के रेत कारोबार में धनलक्ष्मी कंपनी की वापसी की आहट और प्रक्रिया शुरू होते ही मैदानी स्तर पर इसका बड़ा असर देखने को मिलने लगा है। लंबे समय से मनमाने दामों पर बिक रही रेत की कीमतों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद धनलक्ष्मी की री-एंट्री से रेत मंडी के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जिससे आम जनता और निर्माण कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है।
12 चक्का हाइवा पर सीधे ₹10,000 की गिरावट
रेत बाजार के जानकारों और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के अनुसार, धनलक्ष्मी की एंट्री से पहले बाजार में रेत के दाम आसमान छू रहे थे।
पहले के भाव: 12 चक्का हाइवा (लगभग 900 घन फीट रेत) के दाम ₹57,000 से ₹60,000 तक पहुँच चुके थे।
* वर्तमान भाव: धनलक्ष्मी की वापसी की सुगबुगाहट और आपूर्ति सुचारू होने के संकेत से यही 12 चक्का हाइवा अब ₹47,000 से ₹50,000 के बीच आ गया है।
यानी एक ही झटके में प्रति हाइवा करीब 10 हजार रुपये की सीधी कमी दर्ज की गई है।
अभी और गिरेंगे दाम: दीपावली तक और राहत की उम्मीद
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तो बस शुरुआत है। दीपावली से पहले जब कंपनी अपनी सभी औपचारिकताओं को पूरा कर खदानों से पूरी क्षमता के साथ आधिकारिक खनन और उठाव (सप्लाई) शुरू करेगी, तब रेत के दामों में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।
आने वाले दिनों में वैध उत्खनन और पर्याप्त सप्लाई से रेत की कृत्रिम किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी, जिससे दाम और नीचे आने तय माने जा रहे हैं।
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- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
