वर्षाकाल के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कटनी नगर निगम ने कमर कस ली है। नागरिकों को त्वरित राहत पहुंचाने के उद्देश्य से नगर निगम में एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की चार शिफ्टों में ड्यूटी लगा दी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
इन नंबरों पर करें शिकायत (कंट्रोल रूम संपर्क सूत्र)
नागरिक जलभराव या बाढ़ संबंधी किसी भी समस्या के त्वरित निराकरण के लिए सीधे नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:
कंट्रोल रूम नंबर: 07622231772
कंट्रोल रूम प्रभारी: श्री सागर नायक (सहायक राजस्व अधिकारी) – मो. नं. 7987837151
कंट्रोल रूम लिपिक: श्री अनमोल शुक्ला – मो. नं. 7000323805
चार शिफ्टों में तैनात रहेंगे कर्मचारी
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देशानुसार, बाढ़ नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती चार अलग-अलग शिफ्टों में की गई है।
प्रथम शिफ्ट प्रातः 6 से दोपहर 12 बजे तक (विकास उइके व अरविंद सोनी) और द्वितीय शिफ्ट दोपहर 12 से सायं 6 बजे तक (धनंजय भदौरिया व सुखदेव दुबे) रहेगी। तीसरी शिफ्ट सायं 6 से रात्रि 12 बजे तक (आशीष बिलैया व दीपक दुबे) सक्रिय रहेगी। वहीं, रात्रि 12 से प्रातः 6 बजे की चतुर्थ शिफ्ट में दिनों के आधार पर अभिषेक बघेल, राकेश रजक, पिंक नंदू और जगदीश रजक की डयूटी लगाई गई है, जिससे आपदा प्रबंधन के दौरान शहरवासियों को त्वरित राहत मिल सके।
शिकायतों का तत्काल होगा पंजीयन और एक्शन
निगमायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि जलभराव की शिकायत मिलते ही उसे तुरंत शिकायत पंजी और कंप्यूटर में दर्ज किया जाए। संबंधित स्वच्छता निरीक्षक एवं सफाई वार्ड दरोगा सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। कार्य पूरा होने के बाद पालन प्रतिवेदन भी कंट्रोल रूम में जमा करना अनिवार्य होगा।
24 घंटे चालू रखने होंगे मोबाइल फोन
निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे मोबाइल फोन चालू रखने और व्हाट्सएप ग्रुप पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
नागरिकों से अपील: नगर निगम ने आम जनता से भी अपील की है कि वे वर्षा जल संचयन (Water Harvesting) को अपनाएं और छतों का पानी सीधे सड़कों पर न बहने दें, इसके लिए डाउन पाइप का उपयोग जरूर करें।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
