शासकीय कन्या महाविद्यालय में प्राध्यापकों का विरोध प्रदर्शन, काली पट्टी बांधकर सरकार की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा कटनी.

प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आज पूरे मध्य प्रदेश के साथ-साथ कटनी में भी शासकीय प्राध्यापकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी में प्राध्यापकों ने हाथों और बांहों पर काली पट्टी बांधकर शासन की नीतियों के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन किया।
इस चरणबद्ध आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष एवं शासकीय कन्या महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों, ग्रंथपालों (Librarians) एवं क्रीड़ा अधिकारियों (Sports Officers) की दीर्घ अवधि से लंबित मांगों का निराकरण बार-बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी नहीं किया जा रहा है, जिसके विरोध में आज 1 जुलाई से यह चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया गया है।

प्राध्यापक संघ की 6 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
जैसा कि संघ द्वारा जारी किए गए आधिकारिक ज्ञापनों में उल्लेखित है, प्राध्यापकों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
* बैकलॉग प्राध्यापकों का हित: वर्ष 2004 एवं 2005 में नियुक्त बैकलॉग सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि नियुक्ति दिनांक से 2 वर्ष पश्चात समाप्त कर उन्हें कैरियर प्रोन्नति का लाभ दिया जाए। साथ ही, जिन सहायक प्राध्यापकों ने अभी योग्यता अर्जित नहीं की है, उन्हें वर्ष 2028 तक का अवसर प्रदान किया जाए।
* क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को पदनाम: क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को सहायक प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक तथा प्राध्यापक पदनाम दिया जाए। उनकी सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए और उन्हें यू.जी.सी. के प्रावधानुसार पे-मैट्रिक्स-14 का लाभ दिया जाए।
* नियमितीकरण से वंचित शिक्षकों को राहत: वर्ष 2009, 2011 एवं 2019 में नियमितीकरण से वंचित सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त की जाए तथा उन्हें कैरियर एडवांसमेंट का लाभ शीघ्र दिया जाए। इसके लिए छानबीन समिति की बैठक प्रति सप्ताह आयोजित हो।
* पात्रता अनुसार पदनाम: सहायक प्राध्यापकों एवं सह-प्राध्यापकों को उनकी पात्रता के अनुसार क्रमशः सह-प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदनाम दिया जाए।
* सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्वत्वों का भुगतान: सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन, वेतन निर्धारण, अर्जित अवकाश एवं समूह बीमा (GIS) भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित रूप से किया जाए।
* परामर्शदात्री समिति की बैठक: सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार परामर्शदात्री की बैठक शीघ्र आयोजित की जाए, क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विगत 10 वर्षों से यह बैठक आयोजित नहीं की गई है।

चेतावनी: प्राध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. आर.के. गुप्ता एवं अन्य पदाधिकारियों ने साफ किया है कि यदि शासन स्तर पर इन 6 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो शिक्षक साधारण सभा में लिए गए निर्णय के अनुसार अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।
आज के इस सांकेतिक प्रदर्शन में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, वरिष्ठ शिक्षक और स्टाफ सदस्य काली पट्टी बांधकर शामिल हुए और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।\

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