कलेक्टर के सख्त तेवर का दिखा असर,जिला चिकित्सालय में शुरू हुआ ड्रेनेज सुधार कार्य

निरीक्षण के कुछ ही घंटों में अमला मैदान में उतरा,जलभराव और स्वच्छता सुधार के लिए तकनीकी सर्वे शुरू
कटनी / जिला चिकित्सालय में जलभराव और गंदगी को लेकर कलेक्टर आशीष तिवारी की सख्ती का असर तत्काल दिख गया। शुक्रवार सुबह औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की जाम नालियों और अव्यवस्थित ड्रेनेज प्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने तीन दिवस के भीतर समुचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। निरीक्षण समाप्त होते ही तकनीकी अमला सक्रिय हो गया तथा ड्रेनेज व्यवस्था के सुधार का कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिया गया।
कलेक्टर तिवारी ने दो टूक कहा था कि जिला चिकित्सालय जैसे संवेदनशील संस्थान में जलभराव और गंदगी की स्थिति किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) तथा जिला चिकित्सालय प्रशासन को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सौंपते हुए निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे भविष्य में अस्पताल परिसर में जलभराव की पुनरावृत्ति न हो।
कलेक्टर के निर्देशों के पालन में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के डिप्टी जनरल मैनेजर मानवेन्द्र सिंह, एसडीओ अभिराज सिंह तथा विभागीय इंजीनियरों की टीम ने शुक्रवार को ही अस्पताल परिसर का विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण किया। टीम ने जल निकासी मार्गों, नालियों की स्थिति, ढाल और जल प्रवाह का सूक्ष्म परीक्षण कर समस्या वाले सभी स्थानों का चिन्हांकन किया तथा आवश्यक सुधार कार्यों की कार्ययोजना तैयार की।
सर्वेक्षण के उपरांत संबंधित निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार को तत्काल मरम्मत, नालियों की सफाई, अवरोध हटाने तथा ड्रेनेज नेटवर्क को तकनीकी मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर अस्पताल परिसर को जलभराव मुक्त बनाया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि यहां का उद्देश्य केवल तत्काल जल निकासी करना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी और वैज्ञानिक ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करना है, जिससे बारिश के दौरान अस्पताल परिसर पूरी तरह सुरक्षित, स्वच्छ और सुचारु बना रहे। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों, उनके परिजनों तथा चिकित्सकीय सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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