थोक फल व्यापारियों की मनमानी, फुटकर ठेला वालों से 4% कमीशन और ₹10 प्रति कैरेट की अवैध वसूली, कलेक्टर से शिकायत

कटनी। शहर के थोक फल व्यापारियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर फुटकर फल विक्रेताओं (ठेला संचालकों) से की जा रही अवैध वसूली का मामला एक बार फिर गरमा गया है। मंगलवार, 30 जून 2026 को समस्त फुटकर फल (ठेला) संघ के बैनर तले पीड़ित दुकानदार अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे और थोक व्यापारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा है।

क्या है पूरा मामला?
फुटकर फल संघ के अध्यक्ष रामराज गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार, थोक फल व्यापारी फलों के विक्रय पर अपना सारा खर्च और मुनाफा जोड़ने के बाद भी फुटकर विक्रेताओं से 4 प्रतिशत अतिरिक्त कमीशन और ₹10 प्रति कैरेट (केला) अलग से वसूल रहे हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर थोक व्यापारी गुंडागर्दी पर उतारू हो जाते हैं और धमकी देते हैं कि “पैसों में बड़ी ताकत होती है, जहां जाना है जाओ, पैसे तो देने ही पड़ेंगे।” फुटकर व्यापारियों का कहना है कि यह नियम विरुद्ध वसूली सीधे तौर पर उनकी आजीविका पर डाका है।

मंडी बोर्ड के नियमों की सरेआम धज्जियां
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि भोपाल मंडी बोर्ड द्वारा साल 2018 से ही इस तरह के कमीशन और अतिरिक्त कटौती पर पूरी तरह से रोक लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद कटनी के थोक व्यापारी मंडी नियमों और प्रशासनिक आदेशों का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं।

पहले भी मिल चुकी है अंतिम चेतावनी
इस मामले में कृषि उपज मंडी समिति कटनी के सचिव द्वारा 10 जून 2026 को ही समस्त थोक फल व्यापारियों को एक ‘चेतावनी पत्र’ (क्रमांक/मंडी/नियमन/2026-27/376) जारी किया जा चुका है। इस पत्र में साफ तौर पर कहा गया था कि 4% कमीशन और ₹10 प्रति क्रय की अवैध वसूली पूरी तरह अवैधानिक है और इसे तत्काल बंद किया जाए। मंडी समिति ने चेतावनी दी थी कि आदेश का उल्लंघन करने पर थोक व्यापारियों के लाइसेंस निलंबन/निरस्तीकरण की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन थोक व्यापारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।

पीड़ितों ने की कानूनी कार्रवाई और राहत की मांग
जनसुनवाई में पहुंचे अशोक गुप्ता, दिनेश गुप्ता, राजीव गुप्ता, पीयूष, विश्वनाथ, आशीष गुप्ता, सुमित गुप्ता और अंकुल गुप्ता सहित दर्जनों फुटकर व्यापारियों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि थोक व्यापारियों की इस मनमानी और गुंडागर्दी पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने मांग की है कि कृषि उपज मंडी के नियमों का उल्लंघन करने वाले इन रसूखदार थोक व्यापारियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि छोटे ठेला संचालकों को राहत मिल सके।

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