नए अग्नि सुरक्षा कानून को सीएस समिति की हरी झंडी

20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में होगा पेश, नागरिकों को देना होगा फायर सेफ्टी टैक्स
भोपाल। प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार नया फायर सेफ्टी एक्ट लागू करने की तैयारी में है। शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा तैयार किए गए नए कानून के मसौदे को मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली समिति ने हरी झंडी दे दी है। अब इसे 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले ही संकेत दे चुके हैं कि फायर सेफ्टी एक्ट को जल्द लागू किया जाएगा, ताकि भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के कड़े मानक सुनिश्चित किए जा सकें।
प्रस्तावित कानून के अनुसार 15 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले भवनों, होटलों तथा औद्योगिक इकाइयों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। बिना अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र के संबंधित भवनों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।
नए कानून के तहत नागरिकों को फायर सेफ्टी टैक्स भी देना पड़ सकता है, जिससे अग्निशमन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाया जाएगा। इस राशि का उपयोग आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर करने में किया जाएगा।
इसके अलावा, बड़े आयोजनों में लगाए जाने वाले पंडालों, मैरिज गार्डन और अस्थायी संरचनाओं के लिए भी नए सुरक्षा मानक तय किए जाएंगे। आयोजकों को फायर सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
सरकार का मानना है कि नए कानून से आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने, जनहानि कम करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *