कटनी जिले के बड़वारा क्षेत्र में अवैध रेत के कारोबारियों ने प्रशासन की सख्ती और लगातार उठ रही शिकायतों के बाद अपनी रणनीति पूरी तरह बदल ली है। अब यह काला कारोबार गुड़ा देवरी क्षेत्र से थोड़ा हटकर ‘देवरी घाट’ पर शिफ्ट हो गया है, जहां खनन कारोबारियों की एक नई टीम तैयार कर इस अवैध धंधे को बेखौफ अंजाम दिया जा रहा है।
बदली रणनीति: देवरी घाट बना नया ठिकाना
सूत्रों के अनुसार, लगातार मीडिया रिपोर्ट्स और ग्रामीणों के विरोध के चलते कारोबारियों ने अपनी लोकेशन बदल दी है। अब देवरी घाट से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर अवैध रेत का उत्खनन किया जा रहा है। माफियाओं द्वारा सुनियोजित तरीके से नई टीम को मैदान में उतारा गया है, जो पूरी सक्रियता के साथ इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रही है।
रात के अंधेरे में दर्जन भर हाइवा का खेल
दिन के वक्त भले ही कागजी या छोटी-मोटी कार्रवाई का दिखावा किया जाता हो, लेकिन रात ढलते ही देवरी घाट पर अवैध उत्खनन तेज हो जाता है। रात के अंधेरे में दर्जन भर ओवरलोड हाइवा गाड़ियां धड़ल्ले से रेत भरकर कटनी और आसपास के इलाकों के लिए रवाना हो रही हैं।
खनिज विभाग की आंखों में धूल
लगातार स्थान बदलकर चलाए जा रहे इस अवैध कारोबार से खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े हो रहे हैं। कारोबारियों द्वारा ठिकाने बदलकर लगातार अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है, जबकि जिम्मेदार महकमा इस नई गतिविधि से या तो अनजान बना हुआ है या फिर गहरी नींद में है।
स्थानीय ग्रामीणों ने एक बार फिर जिला प्रशासन से मांग की है कि अपनी लोकेशन बदलने वाले इन रेत कारोबारियों के नए नेटवर्क और देवरी घाट पर एक्टिव नई टीम की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ इस अवैध सिंडिकेट पर अंकुश लगाया जा सके।
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- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
