[आशीष सोनी] तेल अवीव, 07 मार्च (वार्ता) इज़रायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने शनिवार को कहा कि उसने ईरान की सैन्य अवसरंचना पर कई हवाई हमले किये हैं, जिसमें एक भूमिगत स्थल भी शामिल है और जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडारण के लिए किया जाता है।
आईडीएफ ने टेलीग्राम पर एक बयान में कहा, “हमले के हिस्से के तौर पर आईडीएफ ने ईरानी सरकार की कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें… बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडारन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक भूमिगत अवसंरचना भी शामिल है, जहाँ सरकार के सैकड़ों कर्मचारी काम कर रहे थे।”
रिपोर्टें हैं कि इस जगह पर सैन्य बंकर और कमांड सेंटर थे, जहाँ हमले के समय सैकड़ों ईरानी लोग मौजूद थे।
आईडीएफ ने कहा है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की मुख्य सैन्य विश्वविद्यालय , इमाम हुसैन विश्वविद्यालय को लक्षित किया गया था। बयान के मुताबिक विश्वविद्यालय का इस्तेमाल आईआरजीसी के अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता है। हमलों की इस लहर में इज़राइली वायु सेना के लगभग 80 लड़ाकू विमान शामिल थे, जो ईरान के खिलाफ इज़रायल की सैन्य कार्रवाई में काफी वृद्धि को दर्शाता है।
आईडीएफ ने कहा कि अभियान का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना और उसके शासनकर्ताओं की गतिविधियाँ में रुकावट डालना था। इन हमलों में किसी के हताहत होने या हमलों पर ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में तुरंत कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इस स्थिति ने इलाके में बढ़ते तनाव और आगे टकराव की संभावना को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
