अप्रैल-मई 2027 में हो सकते हैं पंचायत चुनाव, व्यवस्था में बदलाव की तैयारी

पंचायतों को मिल सकते हैं नए अधिकार, ग्रामसभा की अनिवार्यता रहेगी बरकरार; 2,472 पंचायत भवनों के लोकार्पण की तैयारी
भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज होने लगी है। वर्ष 2027 में अप्रैल-मई के दौरान पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश सरकार पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने की दिशा में तैयारी कर रही है। हालांकि, चुनाव की तारीखों को लेकर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बालाघाट जिले के वारासिवनी जनपद की ग्राम पंचायत गर्रा में आयोजित सरपंच सम्मेलन के दौरान पंचायत चुनाव और ग्रामीण प्रशासन की भावी व्यवस्था को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। प्रस्तावित बदलावों के तहत पंचायत राज नियमों में संशोधन की तैयारी है। इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही बदलावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पंचायतों की कार्यप्रणाली में बदलाव की तैयारी
सरकार पंचायत राज व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारों के पुनर्गठन पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, ग्रामसभा की अनिवार्यता बरकरार रखते हुए उसके कुछ प्रशासनिक अधिकार पंचायत समितियों को सौंपे जा सकते हैं। इस व्यवस्था को आगामी नवंबर तक लागू करने की योजना की बात भी सामने आई है। हालांकि, अधिकारों के हस्तांतरण का अंतिम स्वरूप नियमों में संशोधन के बाद ही सामने आएगा।
नगरपालिका की तर्ज पर कर लगाने पर विचार
पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें नगरपालिका की तर्ज पर विभिन्न मदों में कर लगाने का अधिकार देने पर भी विचार किया जा रहा है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो पंचायतों के राजस्व के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। हालांकि, किन सेवाओं या मदों पर कर लगाया जाएगा, कर की दरें क्या होंगी और वसूली की प्रक्रिया कैसी रहेगी, इस बारे में अभी विस्तृत दिशा-निर्देश सामने आना बाकी है।
2,472 नए पंचायत भवन तैयार
ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के तहत प्रदेश में 2,472 नए पंचायत भवन तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है। इन भवनों का लोकार्पण 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर किए जाने की योजना है। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 37.50 लाख रुपये आवंटित किए गए थे।
पंचायत चुनाव से पहले प्रस्तावित प्रशासनिक बदलाव, पंचायतों के वित्तीय अधिकार और नए भवनों की उपलब्धता ग्रामीण शासन व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब निगाहें पंचायत राज नियमों में होने वाले संशोधनों और आगामी चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *