कटनी/शहर के सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से उपचार कर पर्यावरण संरक्षण और उपचारित जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कटनी नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में, निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने शहर के विभिन्न निर्माणाधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दुगड़ी नाला, कटाएघाट (6 एमएलडी) और कुठला (11 एमएलडी) क्षमता वाले प्लांटों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने और तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने वाली पीडीएमसी (PDMC) एजेंसी पर कार्रवाई के भी निर्देश जारी किए।
नवंबर तक ट्रायल रन शुरू करने के निर्देश (कटाएघाट प्लांट)
कटाएघाट स्थित 6 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्लांट का सिविल कार्य शत-प्रतिशत और इलेक्ट्रिकल कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। स्थिति का जायजा लेते हुए निगमायुक्त ने मौके पर कार्यरत श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केबलिंग समेत अन्य शेष कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए, ताकि नवंबर माह तक हर हाल में प्लांट का ट्रायल रन शुरू किया जा सके।
मॉनिटरिंग में लापरवाही पर पीडीएमसी पर होगी कार्रवाई (कुठला प्लांट)
कुठला स्थित 11 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन एसटीपी का निरीक्षण करते हुए पाया गया कि यहाँ लगभग 86 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। हालांकि, कार्य में हो रही देरी और पीडीएमसी (PDMC) द्वारा प्रभावी मॉनिटरिंग न किए जाने पर निगमायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा को निर्देशित किया कि नियमों के तहत पीडीएमसी प्रतिनिधि के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही निर्माण एजेंसी को हिदायत दी गई कि दिसंबर तक हर हाल में सभी इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल कार्य पूरे कर लिए जाएं।
आईपीएस (IPS) निर्माण कार्य का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने आदर्श कॉलोनी से गिरजा घाट मार्ग पर प्रस्तावित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) के कार्यों का भी मुआयना किया। उन्होंने एप्रोच रोड और अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए पाइपलाइन के एलाइनमेंट से जुड़े कार्यों को तत्काल गति देने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा, अंशुमान सिंह, सहायक यंत्री मृदुल श्रीवास्तव, अतिक्रमण प्रभारी मानेंद्र सिंह, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि (करण पटेल, पार्थ पटेल, झील पटेल), तथा पीडीएमसी के प्रतिनिधि सौरभ नौगजा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
