दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही घर लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थिति यह है कि इंदौर और भोपाल से कटनी और विंध्य क्षेत्र की ओर आने वाली प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग के बाद अब कई ट्रेनों में ‘रिग्रेट’ (Regret / नो रूम) की स्थिति बन चुकी है। ऐसे में पढ़ाई और रोजगार के सिलसिले में इन शहरों में रहने वाले हजारों छात्रों और युवाओं के सामने अपने घर दीवाली मनाने को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
छात्रों के पास सीमित हुए विकल्प, अभिभावक चिंतित
इंदौर, भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर जैसे उच्च शिक्षा के बड़े केंद्रों में विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के हजारों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। त्योहारी सीजन में अचानक ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह न मिलने और कंफर्म टिकट न मिलने के कारण छात्र असमंजस में हैं। त्योहार के समय अपने बच्चों की सुरक्षित घर वापसी को लेकर उनके अभिभावक खासे चिंतित और परेशान नजर आ रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि वे महीनों पहले टिकट बुक कराने से चूक गए, और अब तात्कालिक यात्रा के लिए कोई पुख्ता साधन नहीं बचा है।
इन प्रमुख ट्रेनों में है भारी दबाव
दीपावली के इस पीक सीजन में नर्मदा एक्सप्रेस, रेवांचल एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, शिप्रा एक्सप्रेस और महाकौशल एक्सप्रेस जैसी नियमित ट्रेनों में स्लीपर से लेकर थर्ड एसी और सेकंड एसी तक सभी श्रेणियां पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। हालात यह हैं कि कई तारीखों में टिकट बुकिंग विंडो पर ‘रिग्रेट’ का संदेश दिखाई दे रहा है, जिससे यात्रियों की उम्मीदें लगभग टूट चुकी हैं।
रेलवे से स्पेशल ट्रेनें चलाने की पुरजोर मांग
यात्रियों, छात्र संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) और भारतीय रेलवे के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस रूट पर यात्रियों की भारी भीड़ और असुविधा को देखते हुए तुरंत दीपावली स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाए। यदि समय रहते इंदौर और भोपाल से कटनी-जबलपुर-रीवा मार्ग पर विशेष ट्रेनों या अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था नहीं की गई, तो घर लौटने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
