आयोजित किया, जिसे गंगा दशहरे के पावन पर्व से साफ करने का संकल्प लिया था । स्थानीय लोगों ने मिलकर ना केवल घाटों को साफ किया उसकी लिपाई पुताई की, उससे बढ़कर उन्होंने उसमें विशाल गायत्री दीप यज्ञ,दीपदान और गंगा आरती जैसे आयोजन करके, परम पूज्य गुरुदेव का संरक्षण पूरे स्थान पर व्याप्त कर दिया । परम पूज्य गुरुदेव के द्वारा संरक्षित एवं सिद्ध स्थान पर, आज जब योग हुआ, तो ऐसा लगा कि हजारों साल पुराने तालाब के साथ-साथ वही परंपराएं आज पुनर्जीवित हो उठी हैं । लोगों में योग के प्रति उत्साह, जिज्ञासा और ऐतिहासिकता के इस मिलन के क्षण में अंतरराष्ट्रीय स्तर के योग में रिकॉर्ड बनाने वाले एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग प्रशिक्षक बने लव सिंह चौहान ने संगीतबद्ध योग प्रारंभ किया, तो सभी को योग की गहराइयों, आनंद और स्फूर्ति का अनुभव हुआ ।
लक्ष्मण सागर, तालाब के घाट में, योग गीत की स्वर लहरें राम मणि सोनी, के मधुर स्वर व पूर्णिमा बक्शी के तबले की संगत ने छेड़ी ।
योग के बाद परंपरागत वैदिक स्वल्पाहार ने इस कार्यक्रम का मजा कई गुना बढ़ा दिया । स्वल्पाहार की व्यवस्था पूर्णिमा बक्शी की तरफ से की गई थी ।
कार्यक्रम में सहयोग के लिए बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के परिजन श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव, महेंद्र खरे, लक्ष्मी द्विवेदी, नीति अग्रवाल, डॉ विद्याभूषण खरे, सुनील नायक, धीरज नामदेव, डॉ देवेंद्र दुबे, ओजस खरे आदि उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम आयोजक मनोनीत जिला समन्वयक कमल राज अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थित लोगों से बिलहरी में चलाये जाने वाले आगामी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहयोग देने एवं बड़ी संख्या में उपस्थित होने का अनुरोध किया ।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
