अवैध परिवहन रोकने कटनी में पहली बार लागू हुआ एआई निगरानी सिस्टम, वाहनों पर ठोका लाखों का जुर्माना

कटनी जिले में खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए अब खनिज विभाग और प्रशासन ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कटनी-बड़वारा हाईवे-40 स्थित सुर्खी टैंक यातायात चौकी के पास 8 मई से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मानव रहित चेक पोस्ट शुरू कर दिया गया है। इस हाईटेक सिस्टम के जरिए बिना रॉयल्टी और फर्जी दस्तावेजों के साथ खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की पहचान स्वतः की जा रही है। पहले ही दिन तीन वाहनों पर कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए का जुर्माना लगाया गया।

खनिज विभाग के अनुसार, चेक पोस्ट स्थापना की प्रक्रिया कुछ माह पूर्व नेशनल हाईवे अथॉरिटी से अनुमति मिलने के बाद पूरी कर ली गई थी। अब जिला खनिज कार्यालय में विशेष कमांड सेंटर तैयार किया गया है, जहां से पूरे सिस्टम की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। एआई तकनीक से लैस कैमरे वाहनों के नंबर ट्रेस कर खनिज का प्रकार, भार और दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। संदिग्ध वाहन की जानकारी फोटो सहित भोपाल एवं जिला स्तर के कमांड सेंटर तक पहुंचते ही तत्काल जांच शुरू कर दी जाती है।

पहले दिन इन वाहनों पर कार्रवाई

खनिज विभाग की टीम ने वाहन क्रमांक एमपी 35 एचए 0137 (मालिक अमोद कुमार पाठक) एवं एमपी 19 एचए 2547 पर कार्रवाई करते हुए डेढ़-डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया। दोनों वाहन बिना वैध टीपी के पाए गए। विभाग के अनुसार एक अन्य वाहन पर भी कार्रवाई की गई, जिसमें गिट्टी और लेटराइट लोड था। सभी को ई-चालान के माध्यम से नोटिस जारी किया गया है।

जिला कमांड सेंटर से लाइव निगरानी

पूरे सिस्टम की निगरानी जिला स्तर पर स्थापित कमांड सेंटर से की जा रही है। भोपाल मुख्यालय से भी नेटवर्क को मॉनिटर किया जा रहा है। अधिकारी वाहनों की आवाजाही, दस्तावेजों की स्थिति और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे खनिज माफिया पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और राजस्व चोरी पर अंकुश लगेगा।

खनिज परिवहन में लगे वाहनों में आरएफ टैग भी लगाए जा रहे हैं, जिससे सिस्टम यह पहचान सकेगा कि वाहन अधिकृत है या नहीं। इससे वैध परिवहन करने वाले वाहनों को बार-बार मैन्युअल जांच से राहत मिलेगी।

हर साल सामने आते हैं सैकड़ों मामले

कटनी जिला खनिज संपदा से समृद्ध माना जाता है। यहां से डोलोमाइट, लाइम स्टोन, मार्बल, गिट्टी, बॉक्साइट, रेत और आयरन ओर सहित कई खनिजों का बड़े पैमाने पर परिवहन होता है। ऐसे में अवैध परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

खनिज विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक अवैध खनिज परिवहन के 142 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 130 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा अवैध खनन और अवैध भंडारण के भी कई प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

एआई तकनीक से हो रही वाहनों की जांच

नई व्यवस्था के तहत हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे हाइवे से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर रहे हैं। कैमरे यह भी जांचते हैं कि वाहन में कौन-सा खनिज लोड है और उसकी मात्रा कितनी है। यह सिस्टम सीधे ई-ट्रांजिट पास (ईटीपी) पोर्टल से जुड़ा हुआ है। जैसे ही कोई वाहन चेक पोस्ट से गुजरता है, सिस्टम उसके दस्तावेजों का ऑनलाइन मिलान करता है। यदि वाहन बिना वैध ईटीपी, बिना रॉयल्टी भुगतान या संदिग्ध स्थिति में पाया जाता है तो तत्काल अलर्ट जारी कर कार्रवाई की जाती है।

खनिज संपदा से भरपूर है कटनी

कटनी जिले के इमलिया और सैलारपुर नवलिया क्षेत्र में सोने की खदानें शुरू होने की तैयारी है, जबकि टिकरिया क्षेत्र में बहुमूल्य धातुओं की खोज जारी है। जिले में डोलोमाइट, लाइम स्टोन, मार्बल, लेटराइट, बॉक्साइट और गिट्टी का भी बड़ा भंडार मौजूद है। ढीमरखेड़ा क्षेत्र मैंगनीज खदानों के लिए भी प्रसिद्ध है।

वर्जन

“सुर्खी टैंक के पास एआई आधारित चेक पोस्ट स्थापित किया गया है, जहां अवैध परिवहन पर कार्रवाई की जा रही है। जिला कमांड सेंटर से इसकी निगरानी की जा रही है। पहले दिन तीन वाहनों पर कार्रवाई की गई है और तीन लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। हर प्रकार के खनिज की जांच होगी। कवर्ड वाहनों की भी निगरानी की जाएगी। अन्य हाइवे पर भी यह सिस्टम शीघ्र लागू किया जाएगा।”

— रत्नेश दीक्षित

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