पेंशन भारत ​एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: विकास कार्यों के लिए ₹29,540 करोड़ मंजूर, बुजुर्गों की और बुनियादी ढांचे पर जोर

​भोपाल। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 11 मई को आयोजित कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, सिंचाई और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 29,540 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
​ये स्वीकृतियां मुख्य रूप से 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) के दौरान योजनाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए दी गई हैं।

​1. वित्त और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण (₹15,598 करोड़)
​कैबिनेट ने लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों और परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए 15,598.27 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें शामिल हैं:
​लंबित देनदारियों का भुगतान: ₹13,818.32 करोड़।
​कोषालयों की स्थापना: ₹683.50 करोड़।
​इसके अलावा लेखा प्रशिक्षण शालाओं, आईटी परियोजनाओं और आंतरिक लेखा परीक्षण प्रकोष्ठ के लिए ₹1,096.45 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

​2. सड़कों का जाल और शहरी विकास (₹6,900 करोड़)
​शहरी और नगरीय मार्गों के कायाकल्प के लिए लोक निर्माण विभाग को भारी बजट आवंटित किया गया है:
* ​नए निर्माण और उन्नयन: ₹2,100 करोड़।
* ​सड़कों का सुदृढ़ीकरण: ₹4,800 करोड़।

​3. सामाजिक सुरक्षा: बुजुर्गों को सहारा (₹6,116 करोड़)
​गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को ₹600 प्रतिमाह की पेंशन मिलती रहेगी।

​4. स्वास्थ्य सेवा विस्तार: बुदनी में बनेगा मेडिकल कॉलेज
​सीहोर जिले के बुदनी में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए ₹763.40 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। यहाँ:
* ​100 सीटों वाला MBBS मेडिकल कॉलेज।
* ​500 बिस्तरों वाला संबद्ध अस्पताल।
* ​60-60 सीटों वाले नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

​5. सिंचाई और स्थानीय विकास
​नीमच: खुमानसिंह शिवाजी जलाशय (ठिकरिया तालाब) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए ₹163.95 करोड़ मंजूर। इससे 22 गांवों की 5,200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
* ​स्वेच्छानुदान: राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति प्रकरण कर दी गई है।
* ​जबलपुर हाईकोर्ट: गेट नंबर 4 और 5 के पास ₹94.16 करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग और बार ऑफिस का निर्माण होगा।

​6. ठेकेदारों को राहत: डामर की कीमतों में मूल्य समायोजन
​वैश्विक स्तर पर डामर (बिटुमेन) की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने छोटे ठेकेदारों को बड़ी राहत दी है। अब ₹10 करोड़ से कम लागत वाले डामरीकरण कार्यों में भी मूल्य समायोजन (Price Adjustment) का लाभ मिलेगा। साथ ही, बड़ी परियोजनाओं में इसकी गणना अब त्रैमासिक के बजाय मासिक आधार पर की जाएगी, ताकि निर्माण कार्यों की गति धीमी न पड़े।

* ​मुख्यमंत्री का संकल्प: “हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान और प्रदेश के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ये निर्णय विकसित मध्यप्रदेश की नींव को और मजबूत करेंगे।”

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