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कटनी जिले के रीठी तहसील मुख्यालय के करीब 3 किलोमित दूर स्थित ग्राम पंचायत बरहटा में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाई गई नल-जल योजना आज बदहाली की तस्वीर बन चुकी है। जिस योजना से हर घर तक पानी पहुंचना था, वहां अब टंकी वीरान खड़ी है, मोटर कचरे और झाड़ियों में दब चुकी है और नया ट्रांसफार्मर कबाड़ में तब्दील होता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ चुकी है।
सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना के तहत ग्राम पंचायत बरहटा में पानी सप्लाई के लिए बोरवेल खनन कराया गया था। इसके साथ हाई क्वालिटी की मोटर भी लगाई गई थी ताकि गांव के लोगों को नियमित पानी मिल सके।
लेकिन आज हालात यह हैं कि मोटर खुले में पड़ी-पड़ी खराब हो रही है। आसपास झाड़ियां और कचरा जमा हो चुका है, जिससे साफ दिखाई देता है कि लंबे समय से इसकी कोई देखरेख नहीं हुई।
योजना के संचालन के लिए नया बिजली ट्रांसफार्मर भी लगाया गया था, लेकिन अब उसकी हालत भी कबाड़ जैसी हो गई है। रखरखाव के अभाव में पूरी व्यवस्था जर्जर होती जा रही है। ग्रामीणों ने आज रविवार दोपहर करीब 3 बजे बताया कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें आज तक योजना का लाभ नहीं मिला। पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है और जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में योजना पूरी दिखा रहे हैं। “सरकार ने टंकी तो बनवा दी, लेकिन आज तक पानी नहीं मिला। मोटर और ट्रांसफार्मर खराब हालत में पड़े हैं, कोई देखने वाला नहीं है।”
गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते योजना की मरम्मत और संचालन शुरू नहीं किया गया, तो लाखों रुपये की यह परियोजना पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर जनता के पैसे से बनी इस योजना की जिम्मेदारी कौन लेगा… और कब बरहटा के ग्रामीणों को नल-जल योजना का वास्तविक लाभ मिल पाएगा?

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
