कछगवां में डिजिटल डकैती: शातिर ठगों ने किसान के बैंक खाते में लगाई सेंध, UPI के जरिए पार किए ₹1.88 लाख
कटनी। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां एक तरफ बैंकिंग बेहद आसान हुई है, वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराधियों और शातिर ठगों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। ठगी का एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला कुठला थाना अंतर्गत ग्राम कछगवां से सामने आया है, जहां एक युवक के बैंक खाते से उसकी बिना अनुमति और जानकारी के ₹1,88,000 की मोटी रकम पार कर दी गई। शातिरों ने इस पूरी ‘डिजिटल डकैती’ को अंजाम देने के लिए यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन का सहारा लिया। पीड़ित की शिकायत पर कुठला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सायबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
बिना ओटीपी और बिना सहमति के साफ हो गया खाता
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कछगवां निवासी अंकित राय (पिता परमानंद राय, उम्र 30 वर्ष) का कुठला क्षेत्र के एक बैंक में खाता है। पीड़ित अंकित राय ने पुलिस को बताया कि 12 और 13 मई के दरमियानी समय में उनके मोबाइल पर अचानक पैसे कटने के मैसेज आए, जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। किसी अज्ञात शातिर हैकर या ठग ने उनके खाते में सेंध लगाते हुए बिना किसी सहमति और बिना किसी ओटीपी शेयरिंग के कुल ₹1,88,000 की राशि अन्य खातों में ट्रांसफर कर ली।
दो बड़े ट्रांजैक्शन और खाते खाली
ठगों ने पूरी चालाकी से इस राशि को दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया, जिसके ट्रांजैक्शन आईडी भी सामने आए हैं:
* पहला ट्रांजैक्शन: शातिरों ने पीड़ित के खाते से पहले ₹90,000 उड़ाए। यह राशि ट्रांजैक्शन आईडी UPI/DR/302420180174/KULDEEP/HDFC/KS8196897691162095 के माध्यम से ‘कुलदीप’ नामक व्यक्ति के एचडीएफसी (HDFC) बैंक खाते में ट्रांसफर की गई।
* दूसरा ट्रांजैक्शन: इसके ठीक बाद, दिनांक 13 मई को दोबारा ₹98,000 की बड़ी रकम पर हाथ साफ किया गया। यह राशि ट्रांजैक्शन आईडी UPI/DR/302482070317/VISHAL P/IDFB/HYTRAD897692162094 के जरिए ‘विशाल पी’ नामक खाते में ट्रांसफर की गई।
पीड़ित ने थाने पहुंचकर बयां की दास्तां, पुलिस ने दर्ज किया मामला
जब पीड़ित अंकित राय को अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपने खाते को ब्लॉक कराया और कुठला थाने पहुंचे। पीड़ित की शिकायत और बैंक स्टेटमेंट की जांच के बाद कुठला थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी/Cheating) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
की पाठकों से अपील: सायबर ठगी से ऐसे बचें
इस तरह के मामलों को देखते हुए सजग रहना बेहद जरूरी है। डिजिटल लेन-देन करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
* अपने मोबाइल पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक या ऐप डाउनलोड करने के मैसेज पर क्लिक न करें। इससे आपका फोन हैक हो सकता है।
* बैंक कभी भी फोन पर आपसे आपकी गोपनीय जानकारी या पासवर्ड नहीं मांगता।
* यदि आपके खाते से बिना अनुमति के पैसे कटते हैं, तो तुरंत सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते ठगी की राशि को होल्ड कराया जा सके।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
