टिकरिया-स्लीमनाबाद क्षेत्र में शासकीय भूमि से बॉक्साइट का अवैध उत्खनन, निजी जमीन पर हो रहा भंडारण
रात के अंधेरे में चल रही भारी मशीनें, मिलीभगत के आरोपों से क्षेत्र में आक्रोश
स्लीमनाबाद। कटनी जिले के टिकरिया-स्लीमनाबाद क्षेत्र में शासकीय भूमि से बॉक्साइट के अवैध उत्खनन और खनिज के निजी जमीनों पर भंडारण का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय बड़ी-बड़ी मशीनों और वाहनों के जरिए खुलेआम खनन कार्य किया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के नाम पर मौन साधे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय भूमि पर लगातार जेसीबी और अन्य भारी मशीनें चल रही हैं। उत्खनन के बाद बॉक्साइट को ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों से निजी जमीनों में ले जाकर जमा किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि यदि प्रशासन और खनिज विभाग की मिलीभगत न हो तो इतने बड़े स्तर पर अवैध खनन संभव नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि रातभर मशीनों की आवाज और भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण परेशान हैं। इसके बावजूद अब तक न तो खनिज विभाग की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई की गई है और न ही प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अवैध उत्खनन से शासन को राजस्व की भारी क्षति पहुंच रही है, वहीं पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है। लगातार खनन के कारण जमीन की संरचना प्रभावित हो रही है और आसपास दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की स्थिति बन सकती है।
अधिकारी रात में करें औचक छापेमारी, तभी सामने आएंगे असली कारनामे
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन और खनिज विभाग वास्तव में कार्रवाई करना चाहता है तो रात के समय औचक छापेमारी की जाए। लोगों के अनुसार रात में ही भारी मशीनें और डंपर सक्रिय रहते हैं तथा उसी दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन का खेल चलता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि दिन में सबकुछ सामान्य दिखाया जाता है, जबकि रात के अंधेरे में शासकीय संपत्ति को खुलेआम नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
लोगों ने कलेक्टर और खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि वे स्वयं मौके पर पहुंचकर रात में निरीक्षण करें, ताकि अवैध खनन के पूरे नेटवर्क और उसमें शामिल लोगों का खुलासा हो सके।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
