आंगनवाड़ी से स्कूल तक का सफर होगा आसान, 4 जिलों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
भोपाल, / मध्यप्रदेश में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने और उन्हें कक्षा-1 के लिए मानसिक व भाषाई रूप से तैयार करने की दिशा में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 26 मई से “समर कैम्प 2026 : स्कूल की तैयारी” अभियान की शुरुआत होगी।
यह कार्यक्रम बचपन की देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) के तहत संचालित “आधारशिला पाठ्यक्रम” का सामुदायिक विस्तार है, जिसका उद्देश्य आंगनवाड़ी से निकलकर स्कूल पहुंचने वाले बच्चों को आत्मविश्वास और बेहतर तैयारी के साथ कक्षा-1 में प्रवेश दिलाना है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के चार जिलों — भोपाल, रायसेन, शयोपुर, टीकमगढ़, के लगभग 6,346 आंगनवाड़ी केन्द्रों को शामिल किया गया है। यह अभियान मई-जून 2026 के दौरान छह सप्ताह तक चलेगा।
कार्यक्रम में 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों को शामिल किया जाएगा जो इस सत्र में कक्षा-1 में प्रवेश लेने वाले हैं। विशेष बात यह है कि इसमें बच्चों के साथ उनकी माताओं, केयर टेकर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा प्राथमिक स्कूलों के कक्षा 1 और 2 के शिक्षकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
तीन चरणों में चलेगा अभियान
यह समर कैम्प तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में 26 मई को चयनित आंगनवाड़ी और सामुदायिक केन्द्रों में एक साथ “स्कूल रेडीनेस मेला” आयोजित किया जाएगा।
दूसरे चरण में माताओं की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। इसके तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता चार सप्ताह तक माताओं के व्हाट्सऐप समूहों में प्रतिदिन गतिविधियों और सीख से जुड़े वीडियो साझा करेंगी, ताकि घर पर भी बच्चों का अभ्यास जारी रह सके।
तीसरे और अंतिम चरण में 30 जून 2026 को दूसरा “स्कूल रेडीनेस मेला” आयोजित होगा। इसमें बच्चों की प्रगति का आकलन किया जाएगा और यह देखा जाएगा कि छह सप्ताह के दौरान उनमें कितना विकास हुआ। इस दौरान समाज और अभिभावकों को बच्चों की सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास में आए बदलाव को देखने का अवसर मिलेगा।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
