कटनी [आशीष सोनी]। नगर निगम की हालिया बैठक में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया जब कांग्रेस के पूर्व प्रतिपक्ष नेता और वरिष्ठ पार्षद एडवोकेट मौसूफ बिट्टू ने निगम के कामकाज में बाहरी हस्तक्षेप और भेदभाव का मुद्दा उठाया। उनके आरोपों के बाद सदन में तीखी बहस देखने को मिली।
भेदभाव और हस्तक्षेप का आरोप
बैठक के दौरान पार्षद मौसूफ बिट्टू ने आरोप लगाया कि नगर निगम में कुछ खास लोगों द्वारा हस्तक्षेप किया जा रहा है और विकास कार्यों या निर्णयों में भेदभाव की स्थिति बन रही है। उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम लिए बिना अपनी बात रखी, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया।
मेयर और MIC सदस्यों की आपत्ति
पार्षद की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर (मेयर) और MIC (मेयर-इन-काउंसिल) के सदस्यों ने कहा कि इस तरह के सामान्य आरोप लगाकर पूरी परिषद या व्यवस्था को बदनाम न किया जाए। उन्होंने पार्षद को चुनौती दी कि यदि उनके पास पुख्ता जानकारी है, तो वे स्पष्ट रूप से नाम लें।
संजीव सूरी के नाम पर बढ़ा विवाद
सदन में बढ़ते दबाव के बीच, पार्षद मौसूफ बिट्टू ने संजीव सूरी का नाम लिया। जैसे ही यह नाम सामने आया, सदन का माहौल और अधिक गरमा गया। MIC सदस्य और मेयर ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए तीखा आक्रोश व्यक्त किया। महापौर ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
पार्षदों के बीच खींचतान
विवाद के दौरान अन्य पार्षदों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। जहाँ एक ओर एडवोकेट मौसूफ बिट्टू अपने आरोपों पर अड़े रहे, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने इसे केवल राजनीति से प्रेरित बताया। इस दौरान सदन में काफी देर तक शोर-शराबे की स्थिति बनी रही।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
