भारत के विकास की असली ताकत हमारी महिलाएँ हैं। सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

कटनी,[आशीष सोनी] ​अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: एक साझा संकल्प
​”महिला दिवस मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज की आधी आबादी के सामर्थ्य को पहचानने और शेष आधी आबादी को उनके प्रति संवेदनशील बनाने का अवसर है।”
​महिलाओं के लिए मेरा आह्वान:
​अपनी लैंगिकता (Gender) को कभी भी अपनी सीमाओं का आधार न बनने दें। स्वयं के व्यक्तित्व को इतना सुदृढ़ और प्रभावशाली बनाएं कि भविष्य में दुनिया आपको आपके लिंग से नहीं, बल्कि आपके चरित्र और नेतृत्व से पहचाने। उपलब्ध अवसरों का पूर्ण लाभ उठाएं और यदि मार्ग अवरुद्ध मिलें, तो अपने पुरुषार्थ से नए मार्ग सृजित करें। किसी को भी यह अधिकार न दें कि वह आपकी क्षमताओं को कम आंके।

​पुरुषों के लिए मेरा संदेश:
​स्त्रियों को स्वयं से भिन्न या कमतर देखने के दृष्टिकोण का परित्याग करें। वे उतनी ही दक्ष और समर्थ हैं जितना कोई भी निष्ठावान व्यक्ति हो सकता है। उनकी उन्नति समाज के लिए चुनौती नहीं, बल्कि गौरव का विषय है। उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के लिए एक सकारात्मक परिवेश प्रदान करें। एक समावेशी और प्रगतिशील समाज का निर्माण तब तक असंभव है, जब तक पुरुष, महिलाओं की इस यात्रा में सहयात्री और समर्थक न बनें।

​”न सीमा हो जेंडर की, न पहचान सिर्फ काया हो,
तेरा व्यक्तित्व ऐसा हो कि खुद में एक सवेरा हो।
हाथ थामे जब बढ़ेंगे पुरुष और नारी संग,
तभी तो राष्ट्र के विकास का हर रंग सुनहरा हो।”

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