एटीएम को मुख्य चौराहे से हटाकर साइट रोड में किये जा रहे शिफ्ट, सुरक्षा पर उठे सवाल
संतोष मिश्रा,कटनी। शहर व आसपास के बैंकों और उनसे जुड़ी एटीएम संचालन एजेंसियों द्वारा सुरक्षा मानकों को दरकिनार करते हुए एटीएम मशीनों को मुख्य चौराहों से हटाकर सुनसान साइड रोड़ों में शिफ्ट किया जा रहा है। इससे आम जनता की सुविधा में तो बाधा आई ही है, साथ ही अब इन स्थानों पर एटीएम की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।

ताजा मामला झुकेही कैमोर रोड चौराहे का है, जहां SBI जैसे प्रमुख बैंक का एटीएम, जो पहले भीड़भाड़ वाले चौराहे पर स्थित था, उसे अब एक सूनसान जगह में स्थानांतरित किया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस एटीएम पर सुरक्षा गार्ड की कोई नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में चोरी या लूट की घटनाएं कभी भी घट सकती हैं।
एजेंसी और बैंक प्रशासन खेल रहे ‘सुरक्षा से खेल’
स्थानीय लोगों का कहना है कि बैंकों और एटीएम संचालन करने वाली एजेंसियों द्वारा केवल लागत बचाने के उद्देश्य से एटीएम को बिना सुरक्षा उपायों के इन स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है। सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति न करना सीधा आम जनता के पैसों से खिलवाड़ है।
एक स्थानीय व्यापारी ने नाम नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जिनकी दुकान एटीएम के पास है, ने बतलाया
> “ यह एटीएम चौराहे पर है, यहां लोग दिन-रात आसानी से पैसे निकालते है। अब साइड रोड में शिफ्ट किया जा रहा है और न ही कोई गार्ड है, न सीसीटीवी सही से काम कर रहे हैं।”
अभी जिस जगह एटीएम संचालित हो रहा है वहां से उठाकर दूसरी जगह एटीएम शिफ्ट करने का कारण एटीएम संचालन एजेंसी डिमांड की गई मोटी रकम न देने का ना कारण प्रमुख है। सवाल यह भी उठता है कि क्या बैंकों और एजेंसियों के बीच कोई मिलीभगत है?

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
> “एटीएम सुरक्षा के लिए गार्ड, सीसीटीवी और लोकेशन की भूमिका अहम होती है। यदि इन मानकों का पालन नहीं किया गया तो चोरी, हैकिंग या ATM ब्रेकिंग जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं।”
जनता की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:
एटीएम को सुरक्षित और जनसुविधाजनक स्थान पर रहने दिया जाए।
सभी एटीएम पर 24×7 गार्ड की नियुक्ति अनिवार्य की जाए।
संचालन एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जाए और लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई हो।

- स्व. श्री विनोद कुमार बहरे
